Wednesday, August 19, 2009

shayari bus aap k liye,


ज़रूरी नही दोस्तो में बात होती रहे ज़रूरी नही की दोस्तो में मुलाकात होती रहे ज़रूरी है बस दोस्त जहा भी रहे उसे हमारी याद आती रहे जुदाई आपकी रूलाती रहेगी याद आपको आती रहेगी पल-पल जान जाती रहेगी जब तक जिस्म में है जान मेरी हर साँस यारी निभाती रहेगी वादो पर वो ऐतबार नही करते हम जीकारे मोहब्बत सारे बाज़ार नही करते डरता है दिल उनकी रुसवआईं से और वो सोचता है की हम उन्हे प्यार नही करते तेरी दोस्ती की तारीफ़ ज़ुबान पे आने लगी तुमसे दोस्ती की और ज़िंदगी मुस्कराने लगी ये मेरा प्यार था या तेरी अच्छाई की मेरी हर साँस से तेरे लिए दुआ आने लगी तुम्हारी याद में ताज महल तो क्या सारा ज़हां छोड़ जाएँगे आज हम पर हंस लो कल तुम्हे रोता छोड़ जाएँगे हमारी हर खुशी का अहसास तुम्हारा हो तुम्हारे हर गम का दर्द हमारा हो मर जाए तो हमको कोई गम नही बस आख़िरी वक्त तक साथ तुम्हारा हो एक हमारा वक्त है जिसका एक भी पल आपकी याद के बिना नही जाता और एक आपका वक्त है जिसमे हमे याद करने वाला पल ही नही आता सवाल पानी का नही प्यास का है सवाल मौत का नही साँस का है दोस्त तो दुनिया में बहुत है मगर सवाल दोस्ती का नही विश्वास का है हमे दिल तोड़ना नही आता, टूटे हुए दिल को आराम नही आता, खुदा उसे भी खुश रखे, जिन्हे दिल तोड़कर भी रोना नही आता एक चाँद हर रोज़ निकलता है देने अपनी चाँदनी इस अंधेरी रात को इस रात को भी इस चाँद से प्यार है पर पता नही ये दिल क्यों नही टिकता ना जाने इसे किस चाँद का इंतज़ार है

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